Heat Stroke: दिल्ली में तेज़ी से बढ़ती गर्मी के बीच इस सीज़न का पहला गंभीर हीट स्ट्रोक (लू) का मामला सामने आया है। डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल (आरएमएल) में 24 वर्षीय छात्र को भर्ती किया गया है, जहां उसका इलाज अत्याधुनिक इमर्शन कूलिंग तकनीक से किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल का रहने वाला यह छात्र ट्रेन में सफर कर रहा था, तभी अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे देर रात करीब 1:45 बजे गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया।आरएमएल अस्पताल के मेडिसिन विभाग के निदेशक डॉ. अजय चौहान के अनुसार, जब छात्र को लाया गया तो उसके शरीर का तापमान 105°F से भी अधिक था। उसे लगातार उल्टियां और दस्त हो रहे थे, वह भ्रमित अवस्था में था और पूरी तरह होश में नहीं था।
डॉक्टरों ने तुरंत उसे गर्दन से नीचे बर्फ के ठंडे पानी में रखकर बॉडी कूलिंग शुरू की और फिर हीट स्ट्रोक के लिए बनी विशेष यूनिट में भर्ती किया। फिलहाल उसकी हालत बेहद गंभीर बनी हुई है और लगातार निगरानी की जा रही है।
डॉ. चौहान के मुताबिक, हीट स्ट्रोक यानी लू लगना एक जानलेवा स्थिति हो सकती है। खासकर लंबी ट्रेन यात्राओं के दौरान ,खुले में काम करने वाले मजदूरों में ,डिहाइड्रेशन और तेज धूप के संपर्क में रहने पर शरीर का तापमान अचानक बहुत बढ़ जाता है, जो समय पर इलाज न मिलने पर जानलेवा साबित हो सकता है।
दिल्ली-एनसीआर में गर्मी का प्रकोप-
मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों में तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री अधिक दर्ज किया गया है। दिन के साथ-साथ रात का तापमान भी ऊंचा रहने से गर्मी का असर और ज्यादा खतरनाक हो गया है।
इसी बीच दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि भीषण गर्मी और लू के बीच दिल्ली सरकार मिशन मोड में लोगों की सुरक्षा और राहत सुनिश्चित करने में जुटी है। मुख्यमंत्री ने X पर पोस्ट कर बताया कि सरकार ने 13 मोबाइल हीट रिलीफ यूनिट्स तैनात की हैं, जो भीड़भाड़ वाले इलाकों में लोगों को ठंडा और स्वच्छ पेयजल, ORS, प्राथमिक उपचार, सूती गमछे और कैप उपलब्ध करा रही हैं।
उन्होंने कहा कि स्कूलों में वाटर बेल सिस्टम, अस्पतालों में कूल रूम और अतिरिक्त ORS जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं ताकि लोगों को वास्तविक राहत मिल सके। बुधवार को उत्तर भारत के कई हिस्सों में भीषण गर्मी और हीटवेव का असर जारी रहा। दिल्ली और राजस्थान में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया।
सर गंगाराम अस्पताल के इंटरनल मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. अतुल काकर ने बताया कि अस्पतालों में गर्मी से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि डिहाइड्रेशन और हीटस्ट्रोक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। बच्चे, बुजुर्ग और किडनी या हृदय रोग से पीड़ित लोग हीटवेव के दौरान अधिक जोखिम में हैं।