Share Market: स्थानीय शेयर बाजार लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुए। सेंसेक्स और निफ्टी में करीब दो फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। कच्चे तेल की ऊंची कीमत और पश्चिम एशिया संघर्ष को लेकर अनिश्चितता से बाजार धारणा पर प्रतिकूल असर पड़ा।
विदेशी संस्थागत निवेशकों की निरंतर पूंजी निकासी और रुपये के अब तक के सबसे निचले स्तर पर आने से भी निवेशकों की सोच प्रभावित हुई। वैश्विक तेल सूचकांक ब्रेंट क्रूड 2.75 प्रतिशत बढ़कर 107 डॉलर प्रति बैरल से थोड़ा ऊपर पहुंच गया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि ईरान के साथ युद्धविराम अपने “सबसे कमजोर” स्तर और “लाइफ स्पोर्ट सिस्टम” पर है। एक दिन पहले ही उन्होंने तेहरान के प्रस्ताव को “पूरी तरह अस्वीकार्य” बताकर खारिज कर दिया था।
व्यापक बिकवाली के बीच 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1,456 अंक गिरकर 74,559 पर वहीं 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 436 अंक टूटकर 23,379 पर बंद हुआ। सेंसेक्स बाजार में टेक महिंद्रा, अडानी पोर्ट्स, एचसीएल टेक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और टाइटन सबसे ज्यादा गिरे जबकि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया सबसे ज्यादा चढ़ा।
क्षेत्रीय मोर्चे पर रियल एस्टेट, उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुएं, आईटी, पूंजीगत वस्तुएं, बिजली, ऑटो और वित्तीय सेवा क्षेत्र के शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई। एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई बढ़त के साथ जबकि हॉन्गकॉन्ग का हैंग सेंग, चीन का शंघाई कंपोजिट और दक्षिण कोरिया का कोस्पी गिरावट के साथ बंद हुए।
मंगलवार को यूरोप के बाजार गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे।अमेरिकी बाजार सोमवार को बढ़त के साथ बंद हुए। विदेशी संस्थागत निवेशकों ने सोमवार को 8,437 करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर बेचे।