Ghaziabad: रामायण की गाथाओं से लेकर दुनिया की सबसे प्रदूषित जगह तक, गाजियाबाद के इस इलाके की पहचान

Ghaziabad:  रामायण से जुड़ी पौराणिक कथाओं में लोनी को उस जगह के तौर पर याद किया जाता है, जहां लक्ष्मण ने शूर्पणखा की नाक काटी थी। दिल्ली-उत्तर प्रदेश सीमा पर स्थित और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का हिस्सा लोनी की अब एक नई और बेहद चिंताजनक पहचान बन गई है। यह दुनिया की सबसे ज्यादा प्रदूषित जगह है।

आईक्यूएयर की 2025 की ‘वर्ल्ड एयर क्वालिटी रिपोर्ट’ के मुताबिक, लोनी में PM2.5 का सालाना औसत स्तर 112.5 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर दर्ज किया गया। यह डब्ल्यूएचओ यानी विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा तय की गई सुरक्षित सीमा से 22 गुना ज्यादा है।

हालांकि, इन आंकड़ों से परे, जमीनी हकीकत और भी ज्यादा परेशान करने वाली है। सड़कों पर भारी भीड़, धूल से सने मकान, अवैध औद्योगिक इकाइयां और बेरोकटोक जलाया जा रहा ई-कचरा..इन सबने मिलकर यहां के माहौल को इतना जहरीला बना दिया है कि यहां रहने वाले लोग हर रोज इसी जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर हैं।

बड़े पैमाने पर हो रहे रेत खनन और खुदाई से संकट और गहराता जा रहा है। लोगों का आरोप है कि प्रशासन इसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। वहीं उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का कहना है कि उसने अवैध और प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर नकेल कसने के लिए निगरानी टीमें गठित की हैं।

भले ही कार्रवाई का वादा किया गया हो, लेकिन प्रदूषण का स्तर अब भी खतरनाक है। इसकी वजह से स्वास्थ्य से जुड़ी चिंताएं भी बढ़ रही हैं। इनमें अस्थमा से लेकर कई गंभीर और लंबे वक्त तक चलने वाली बीमारियां शामिल हैं।

एक ऐसी जगह जिसकी पहचान कभी अपने पौराणिक अतीत के लिए थी, आज वो एक कहीं ज्यादा जरूरी लड़ाई लड़ रही है। ये है-साफ हवा में सांस लेने के बुनियादी अधिकार की लड़ाई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *