Uttarakhand: उत्तराखंड में चार धाम यात्रा शुरू होने में एक सप्ताह से कुछ अधिक समय बाकी है, इसी बीच अधिकारियों ने राज्य भर में सालाना तीर्थयात्रा की तैयारियों का जायजा लेने के लिए मॉक ड्रिल आयोजित की।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से आयोजित इस अभ्यास में कई जगहों पर वास्तविक आपदा के दृश्यों का अनुकरण किया गया। देहरादून में बाढ़ जैसी स्थिति का नकल किया गया, जिसमें बचाव दल ने लोगों को निकालने का अभ्यास किया, फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। जमीनी स्तर पर प्रतिक्रिया समय और समन्वय का आकलन किया गया।
पौड़ी गढ़वाल में, एक बहु-खतरा अभ्यास में छह से सात स्थानों पर भूकंप, भूस्खलन और आग जैसी स्थितियों का अनुकरण किया गया, ताकि जटिल आपात स्थितियों से निपटने के लिए प्रशासन की क्षमता का मूल्यांकन किया जा सके। अधिकारी ने बताया कि इस अभ्यास का मकसद कमियों की पहचान करना और सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित तीर्थयात्रा सुनिश्चित करना था।
रुद्रप्रयाग में भी इसी तरह के अभ्यास किए गए, जिनमें बादल फटने, भूस्खलन और यहां तक कि हेलीकॉप्टर आपात स्थिति का अनुकरण किया गया। इससे यात्रा मार्ग पर चुनौतीपूर्ण भूभाग से उत्पन्न जोखिमों को उजागर किया गया।
राज्य के आपदा प्रबंधन मंत्री के मुताबिक इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय और प्रतिक्रिया समय का परीक्षण करना था, ताकि किसी भी स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके, इस वर्ष की चार धाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू हो रही है।