Navy: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ऊर्जा आपूर्ति समेत देश का 95 प्रतिशत व्यापार समुद्री मार्ग से होता है और ऐसे में उभरते समुद्री खतरों के बीच वाणिज्यिक जहाजों और तेल टैंकरों की सुरक्षा में भारतीय नौसेना की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
यहां आईएनएस तारागिरी के जलावतरण समारोह को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि भारतीय नौसेना हिंद महासागर में लगातार अपनी उपस्थिति बनाए रखती है, चाहे वह फारस की खाड़ी हो या मलक्का जलसंधि।
पश्चिम एशिया में मौजूदा परिस्थितियों के कारण तेल आपूर्ति में बाधा और टैंकरों को रोके जाने की स्थिति के बीच उनकी ये टिप्पणियां महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि एक मजबूत और सक्षम नौसेना देश के लिए विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता है।
उन्होंने कहा, ‘‘समुद्र में कई संवेदनशील क्षेत्र हैं, जहां हमारी नौसेना लगातार सक्रिय उपस्थिति बनाए रखती है ताकि वस्तुओं की आपूर्ति सुचारु बनी रहे। जब भी वहां तनाव की स्थिति पैदा होती है, भारतीय नौसेना हमारे वाणिज्यिक जहाजों और तेल टैंकरों की सुरक्षा सुनिश्चित करती है।’’
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय नौसेना ने ये साबित किया है कि वे न केवल देश के हितों की रक्षा करने में सक्षम है, बल्कि जरूरत पड़ने पर दुनिया भर में अपने नागरिकों और व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर कदम उठा सकती है।
इतिहास का हवाला देते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि नौसैनिक शक्ति को मजबूत किए बिना कोई भी देश सही मायनों में शक्तिशाली नहीं बन सकता इसलिए जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2047 तक ‘विकसित भारत’ की बात करते हैं, तो उसमें समुद्री शक्ति की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है।