Asian Games: एशियाई खेलों में भारत के दल में निजी कोच रखने की भारी मांग को देखते हुए खेल मंत्रालय ने ये अनिवार्य कर दिया है कि सूची में निजी कोच को शामिल करने के लिए उनका ‘स्पष्ट योगदान’ और खिलाड़ियों के साथ ‘नियमित संपर्क’ होना जरूरी है।
एशियाई खेल जापान के आइची नागोया में 19 सितंबर से चार अक्टूबर तक आयोजित किए जाएंगे। इसमें भारत के 700 से अधिक खिलाड़ियों के भाग लेने की संभावना है। एशियाई ओलंपिक परिषद (ओसीए) के नियमों के अनुसार, सहायक स्टाफ की संख्या दल के कुल आकार के 33 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती। मिशन ओलंपिक सेल (एमओसी) की बुधवार को दिल्ली में हुई बैठक में व्यक्तिगत कोच रखने की बढ़ती मांग और कुछ खेलों के मामले में खिलाड़ियों की संख्या के बराबर या उससे अधिक कोच रखने के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई।
एक विश्वसनीय सूत्र ने बताया, ‘‘निर्धारित मानदंडों से परे निजी कोच रखने के लिए कई अनुरोध प्राप्त हुए हैं। ’’ ये एक ऐसा मुद्दा है जो किसी भी बहु खेल आयोजन से पहले उठता रहा है। सूत्र ने किसी खिलाड़ी का नाम लिए बिना कहा, ‘‘पहले भी ऐसे उदाहरण सामने आए हैं जब प्रमुख अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों से पहले के महीनों में किसी और कोच के प्रशिक्षित किए जाने के बावजूद एक नया कोच खिलाड़ी के साथ यात्रा करता रहा है।’’
खेल मंत्रालय ने पिछले साल सितंबर में खिलाड़ियों के चयन के लिए दिशानिर्देश जारी किए थे। इसमें कहा गया था कि ‘‘केवल वही खिलाड़ी, कोच और सहयोगी स्टाफ के सदस्य दल का हिस्सा होंगे, जिनके नाम सरकार के खर्च पर स्वीकृत किए गए हैं और सरकार के खर्च के बिना भी किसी अतिरिक्त खिलाड़ी, कोच और सहयोगी स्टाफ के सदस्य को शामिल नहीं किया जाएगा।’’
मंत्रालय ने ये भी कहा था कि महाद्वीपीय रैंकिंग के आधार पर केवल उन्हीं खिलाड़ियों को शामिल करने पर विचार किया जाएगा जिनके पास ‘‘पदक जीतने का वास्तविक मौका’’ हो। एशियाई स्तर पर व्यक्तिगत स्पर्धा में शीर्ष छह और टीम स्पर्धा में शीर्ष आठ में शामिल खिलाड़ी या टीम ही राष्ट्रीय महासंघों से नामांकन के पात्र होंगे। एशियाई खेलों के लिए कोचिंग स्टाफ के मुद्दे पर मंत्रालय की चर्चा के बाद यात्रा करने वाले अधिकारियों की संख्या सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाया गया है। सूत्र ने बताया की कोच और सहयोगी स्टाफ के सदस्यों के चयन के लिए प्रदर्शन पर आधारित दिशा निर्देश जवाबदेही तय करेंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रीय खेल महासंघ (एनएसएफ) कोच और सहयोगी स्टाफ के सदस्यों की नियुक्ति करना जारी रखेंगे लेकिन चयन प्रक्रिया भारतीय खेल प्राधिकरण और दिग्गज खिलाड़ियों के प्रतिनिधित्व वाली चयन समिति करेगी। अंतिम समय में दल में किसी को शामिल करने से बचने के लिए सहयोगी स्टाफ के सदस्यों को पहले ही चुना जाना जरूरी है।’’
भारत ने पिछले एशियाई खेलों में 655 खिलाड़ी तथा 260 कोच और सहयोगी स्टाफ के सदस्य भेजे थे। इस बीच दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा द्वारा पिछले साल दिसंबर में जेएसडब्ल्यू स्पोर्ट्स के साथ अपनी एक दशक लंबी भागीदारी समाप्त करने के बाद खेल मंत्रालय ने उनके लंबे समय से कार्यरत फिजियो ईशान मारवाहा के खर्च को वहन करने के लिए कदम उठाया है।
चोपड़ा के साथ अनुबंध होने तक मारवाहा का पारिश्रमिक जेएसडब्ल्यू समूह भुगतान कर रहा था। चोपड़ा अभी दक्षिण अफ्रीका में अभ्यास कर रहे हैं। उनके साथ उनके नए कोच जय चौधरी और मारवाहा भी हैं, क्योंकि मंत्रालय ने उन्हें प्रिटोरिया में अप्रैल तक रहने की अनुमति दे दी है। चोपड़ा मई में दोहा डायमंड लीग से अपने सत्र की शुरुआत करेंगे।