West Asia Crisis: अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) की तरफ से जारी एक बयान के अनुसार, ईरान ने कहा है कि “गैर-दुश्मन जहाज” होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर सकते हैं, बशर्ते वे संबंधित अधिकारियों के समन्वय से सुरक्षा और संरक्षा नियमों का पालन करें।
बयान में कहा गया है, “गैर-दुश्मन जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित मार्ग का फायदा उठा सकते हैं, बशर्ते कि वे ईरान के खिलाफ युद्ध में न तो हिस्सा लें और न ही उसका समर्थन करें और घोषित सुरक्षा और संरक्षा नियमों का पूरी तरह से पालन करें और सक्षम अधिकारियों के समन्वय से आगे बढ़ें।”
आईएमओ ने मंगलवार को कहा कि रविवार की तारीख वाला ये संदेश ईरान के विदेश मंत्रालय द्वारा जारी किया गया था, जिसमें अनुरोध किया गया था कि आईएमओ इसे प्रसारित करे। आईएमओ ने आगे बताया कि उसने इसे सदस्य देशों और एनजीओ के साथ साझा किया है।
बयान में जोर देकर कहा गया कि “हमलावर पार्टियों – यानी अमेरिका और इजराइली सरकार के जहाज, उपकरण और कोई भी संपत्ति, साथ ही हमले में शामिल दूसरे देश, बिना किसी भेदभाव के या दुश्मनी के बिना जाने के लायक नहीं हैं”।
इसमें कहा गया कि “इस जरूरी पानी के रास्ते में किसी भी रुकावट, असुरक्षा या जोखिम बढ़ने” की जिम्मेदारी अमेरिका और इजराइल की है, जिन पर उसने “ईरान के खिलाफ गैर-कानूनी और अस्थिर करने वाला युद्ध” छेड़ने का आरोप लगाया।
इसमें कहा गया कि दोनों देशों ने “इलाके की शांति और स्थिरता को खतरे में डाला है और इंटरनेशनल शिपिंग को पहले कभी नहीं हुए खतरों में डाल दिया है।” 28 फरवरी को शुरू हुए अमेरिका-इजराइली हमलों के बाद से ईरान ने इस जरूरी जलमार्ग को लगभग बंद कर दिया है, जिससे दुनिया भर में तेल और गैस की कीमतें आसमान छू रही हैं।