Mushroom: जम्मू-कश्मीर में सांबा जिले के नंद गांव में किसान मशरूम की खेती को तेजी से अपना रहे हैं। मशरूम की खेती करने वाले किसानों में से एक ने कहा कि स्थानीय बाजारों में बढ़ती मांग की वजह से उन्होंने इस मुनाफे वाली फसल को अपनाया। अच्छी कमाई होने से किसान अब अपना उत्पादन और बढ़ाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।
मशरूम किसान कुलदीप कुमार ने कहा कि “2002 में जब मैं ट्रेनिंग ले रहा था तब मैंने 100 बैग से स्टार्ट किया था और आज मैंने 1000 बैग लगाए हैं। इसका सीजन होता है लास्ट सितंबर, नवंबर और दिसंबर में और सितंबर में हम स्टार्ट करते हैं और लास्ट में मार्च तक चलती रहती है।”
एक अन्य किसान ने बताया कि मशरूम की खेती से आमदनी बहुत अच्छी रही है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर हुई है। मशरूम किसान अजय ने कहा कि “मशरूम की मैंने चार-पांच साल हो गए, फार्मिंग करते हुए काफी मुनाफा है और इस बार मैंने 300 बैग लगाए हैं। तो अभी तक मेरे पैसे पूरे हो चुके हैं। अभी मुनाफा ही मुनाफा है। मेरा कजन काम करते रहते थे, मैं अपना देखता रहता था कि कैसे करते हैं, फिर मैंने बोला कि मैंने भी काम करना है, उन्होंने मुझे ग्रो किया और मैं आगे भी काम कर रहा हूं।”
मशरूम खेती कर रहे किसान, अब ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस फसल की खेती करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उनका मानना है कि ये कम खर्च में ज्यादा मुनाफा देने वाला काम है, जो गांवों में आजीविका को मजबूत बनाने में मदद कर सकता है।