Kota coaching: राजस्थान के कोटा शहर को इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं के लिए भारत के सबसे बड़े कोचिंग हब के तौर पर जाना जाता है। यहां 2023 और 2025 के बीच एक ठहराव सा दिखा।
कोटा के कोचिंग सेंटरों में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या में लगभग 30 से 40 प्रतिशत की गिरावट आई। तैयारी के लिए शहर आने वाले छात्रों की संख्या लगभग ढाई लाख से घटकर एक लाख से भी कम रह गई। इससे राजस्व भी लगभग आधा हो गया।
हालांकि अब तस्वीर में सुधार होता दिख रहा है। 2026-27 के शैक्षणिक सत्र के लिए हुए दाखिले इस बात का संकेत दे रहे हैं कि शहर के कोचिंग सेंटरों में छात्रों के नामांकन में 20-30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
शहर में हॉस्टल और पेइंग गेस्ट सुविधाएं बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए तैयार दिख रही हैं।
देश भर से शहर आए अभिभावकों और छात्रों का कहना है कि उन्हें कोटा के कोचिंग इकोसिस्टम पर भरोसा है। उनका ये भी कहना है कि इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों में दाखिला चाहने वाले छात्रों को यहां बेहतर मौका और मार्गदर्शन मिलता है।
पिछले चार दशकों में, कोटा ने आईआईटी और एम्स जैसे प्रमुख संस्थानों के लिए होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं में टॉप रैंक लाने वाले छात्रों को तैयार करने के लिए अपनी एक खास पहचान बनाई है।
कोचिंग सेक्टर के फिर से पटरी पर लौटने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।