Gujarat: गुजरात के मेहसाणा जिला का पांछा गांव आज एक नई पहचान बना रहा है। पिछले कुछ वर्षों में शराब की लत से गांव के कई युवकों की असमय मौत ने पूरे समाज को झकझोर दिया। अपनों को खोने के गम से आहत ग्रामीणों ने 16 दिसंबर 2025 को ग्रामसभा की बैठक बुलाई। इसमें सर्वसम्मति से गांव को नशा मुक्त बनाने का फैसला लिया गया।
इसके लिए गांव में एक विशेष पिंजरा बनवाया गया। यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक रूप से शराब पीते हुए या नशे की हालत में पकड़ा जाता है, या फिर बाहर से कोई व्यक्ति शराब पीकर गांव में आता है, तो उसे इस पिंजरे में रखा जाता है। बाद में उस व्यक्ति को पुलिस के हवाले कर दिया जाता है।
नशाबंदी समिति और ग्राम पंचायत द्वारा समय-समय पर ड्रोन के माध्यम से भी गांव में निगरानी की जाती है। इन प्रयासों का नतीजा है कि अब तक 50 से अधिक लोगों ने शराब की लत छोड़ दी है। दुखद घटनाओं से उपजी पीड़ा जब संकल्पों में ढल जाती है, तब उसके सकारात्मक परिणाम सामने आते हैं।
आज पांछा गांव नशामुक्ति और सामाजिक जागरूकता का एक उदाहरण बनकर उभर रहा है।