आज का हिन्दू पंचांग:13 मार्च 2018

0
182
tikheemirchi

🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞
⛅ *दिनांक 13 मार्च 2018*
⛅ *दिन – मंगलवार*
⛅ *विक्रम संवत – 2074*
⛅ *शक संवत -1939*
⛅ *अयन – उत्तरायण*
⛅ *ऋतु – वसंत*
⛅ *मास – चैत्र*
⛅ *मास – गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार फाल्गुन*
⛅ *पक्ष – कृष्ण*
⛅ *तिथि – एकादशी दोपहर 01:41 तक तत्पश्चात द्वादशी*
⛅ *नक्षत्र – उत्तराषाढा दोपहर 12:31 तक तत्पश्चात श्रवण*
⛅ *योग – परिघ रात्रि 09:25 तक तत्पश्चात शिव*
⛅ *राहुकाल – शाम 03:45 से शाम 05:14 तक*
⛅ *सूर्योदय – 06:51*
⛅ *सूर्यास्त – 18:45*
⛅ *दिशाशूल – उत्तर दिशा में*
⛅ *व्रत पर्व विवरण – पापमोचनी एकादशी*
💥 *विशेष – हर एकादशी को श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से घर में सुख शांति बनी रहती है lराम रामेति रामेति । रमे रामे मनोरमे ।। सहस्त्र नाम त तुल्यं । राम नाम वरानने ।।*
💥 *आज एकादशी के दिन इस मंत्र के पाठ से विष्णु सहस्रनाम के जप के समान पुण्य प्राप्त होता है l*
💥 *एकादशी के दिन बाल नहीं कटवाने चाहिए।*
💥 *एकादशी को चावल व साबूदाना खाना वर्जित है | एकादशी को शिम्बी (सेम) ना खाएं अन्यथा पुत्र का नाश होता है।*
💥 *जो दोनों पक्षों की एकादशियों को आँवले के रस का प्रयोग कर स्नान करते हैं, उनके पाप नष्ट हो जाते हैं।*
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *षडशीति संक्रान्ति* 🌷
➡ *14 मार्च 2018 बुधवार को षडशीति संक्रान्ती है ।*
🙏 *पुण्यकाल दोपहर 12:48 से सूर्यास्त तक… जप,तप,ध्यान और सेवा का पूण्य 86000 गुना है !!!*
🙏 *इस दिन करोड़ काम छोड़कर अधिक से अधिक समय जप – ध्यान, प्रार्थना में लगायें।*
🙏 *षडशीति संक्रांति में किये गए जप ध्यान का फल ८६००० गुना होता है – (पद्म पुराण )*
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *मुलतानी मिटटी* 🌷
👉🏻 *जिसको भी गरमी हो, पित्त है, आँखे जलती हों वह मुलतानी मिटटी लगाकर थोड़ी देर बैठे तो शरीर की गरमी निकल जाये |*

🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *सद्बु्द्धि और सामर्थ्य पाने प्रार्थना* 🌷
🙏🏻 *आप ‘ ॐ परमात्मने नमः ‘ …” हे परमात्मा मेरी रक्षा करो ..तू मुझे अपनी प्रीति दे..” ऐसी प्रार्थना करने से मान, दुःख, चिंता जो भी आपको गिराने वाले है ..उससे बचने की सद्‍बुद्धि और सामर्थ्य मिलेगा ।*

*🚩 पापमोचनी एकादशी*🚩

भगवान कृष्ण ने अर्जुन को बताया था.

*हिन्दू शास्त्रों में भगवान विष्णु को समर्पित एकादशी व्रत का विशेष महत्व है। एकादशी साल में 24 होती हैं। चैत्र मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी को पापमोचनी एकादशी कहते हैं। यह एकादशी इस बार 13 मार्च 2018 मंगलवार को पड़ रही है। मान्यता है कि इस दिन जो मनुष्य पूरे भक्ति भाव से भगवान विष्णु की उपासना करता है उसके सारे पाप नष्ट हो जाते हैं।*

यह भी माना जाता है कि पापमोचनी एकादशी का व्रत करने से मनुष्य के मोक्ष का द्वार खुल जाता है। इस एकादशी के महत्व के बारे में भगवान कृष्ण ने अर्जुन को बताया था कि जो भी कृष्ण पक्ष की एकादशी का व्रत रखता है उसके सारे पाप नष्ट हो जाते हैं। एकादशी के दिन भक्त को भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। माना जाता है कि इससे भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है।

पापमोचनी एकादशी व्रत के नियम
एकादशी के दिन प्रातः स्नानादि से निवृत होकर भगवान विष्णु की पूजा करें। घी का दीपक जलाकर भगवान विष्णु की प्रार्थना करें। हो सके तो हवन भी कर सकते हैं। पूरे दिन व्रत के दौरान भगवान विष्णु का ध्यान करते रहें। इसके अलावा ‘ओम नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जप भी कर सकते हैं।
एक बार एक ऋषि घोर तपस्या कर रहे थे। उनकी तपस्या इतनी प्रभावशाली थी कि इससे देवताओं के राजा इन्द्र घबरा गए।  इन्द्र ने ऋषि की तपस्या भंग करने के लिए मंजुघोषा नामक अप्सरा को उनके पास भेजा। मेधावी ऋषि अप्सरा के हाव-भाव को देखकर उस पर मुग्ध हो गए। मेधावी ऋषि शिव भक्ति छोड़कर मंजुघोषा के साथ रहने लगे। कई साल गुजर जाने पर मंजुघोषा ने ऋषि से स्वर्ग वापस जाने की आज्ञा मांगी। ऋषि को तब भक्ति मार्ग से हटने का बोध हुआ और अपने आप पर ग्लानि होने लगी।

अप्सरा को धर्म भ्रष्ट होने का कारण मानकर ऋषि ने उसे पिशाचिनी हो जाने का शाप दिया। अप्सरा इससे दुःखी हो गई और शाप से मुक्ति के लिए प्रार्थना करने लगी। इसी समय देवर्षि नारद वहां आये और अप्सरा एवं ऋषि दोनों को पाप से मुक्ति के लिए पापमोचिनी एकादशी का व्रत करने की सलाह दी।

नारद द्वारा बताये गये विधि-विधान से दोनों ने पाप मोचिनी एकादशी का व्रत किया जिससे वह पाप मुक्त हो गये। शास्त्रों में बताया गया है कि एकादशी की इस कथा को पढ़ने और सुनने से 1000 गौदान का फल मिलता है। ब्रह्महत्या, सोने की चोरी और सुरापान करनेवाले महापापी भी इस व्रत से पापमुक्त हो जाते हैं। यह व्रत बहुत पुण्यदायी है

🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞
🙏🏻🌷💐🌸🌼🌹🍀🌺💐🙏🏻

LEAVE A REPLY